Vegetable || सब्जी

Autre
Année2022
Durée1h 17m

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8 commentaires

Serge MosengoNov 3, 2025

फल एवं तना छेदक एक ऐसा कीट है जो पौधों के तनों और फलों को अंदर से खाकर नुकसान पहुंचाता है, जिससे पौधे मुरझा जाते हैं और फसल की गुणवत्ता व उपज में भारी कमी आती है। यह कीट बैंगन, मिर्च, टमाटर और भिंडी जैसी फसलों को नुकसान पहुंचाता है। इसके नियंत्रण के लिए जैविक और रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता है, साथ ही फसल की उचित निगरानी और प्रबंधन आवश्यक है। इस विडियो के माध्यम से आप जानेंगें बैगन में फल एवं तना छेदक कीट से होने वाले नुकसान एवं रोकथाम के बारे में |

Basabaty CoulibalyNov 3, 2025

करेला में जैविक समेकित कीट प्रबंधन (IPM) का अर्थ है कीटों को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न प्रकार की विधियों का उपयोग करना, जिसमें जैविक, सांस्कृतिक और रासायनिक नियंत्रण शामिल हैं। इस विडियो के माध्यम से आप जानेंगें जैविक तरीके से कीट नियंत्रण के बारे में जिससे आप अपने खेतों में कीट का प्रभाव भी कम कर पायेंगें और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी कम कर पायेंगें |

ChiKéNov 3, 2025

#बैंगन_की_उन्नत_किस्में #majorvarietiesofbrinja #खेती के लिए #बैंगन की #उन्नत_किस्में ज़रूरी हैं क्योंकि ये कम समय में ज़्यादा #उत्पादन देती हैं और रोगों से लड़ने में सक्षम होती हैं. साथ ही, ये किस्में जलवायु और कृषि से जुड़े दूसरे जोखिमों से कम प्रभावित होती हैं | बैंगन की उन्नत किस्मों के फ़ायदे: इन किस्मों से ज़्यादा उत्पादन मिलता है. ये किस्में रोगों से लड़ने में सक्षम होती हैं. ये किस्में कम समय में अच्छी कमाई का साधन बनती हैं. इन किस्मों पर #जलवायु और कृषि से जुड़े दूसरे जोखिमों का कोई बुरा असर नहीं पड़ता

مدو القنينNov 3, 2025

#टमाटर_कि_खेती #tomatoes #tomatcultivation #protectedcultivation टमाटर एक प्रभुख सब्जी फसलों में से एक है.......भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक देश है यहाँ यहाँ दुनिया की 11.13 फीसदी टमाटर की पैदावार होती है जो की लगभग 213.20 लाख टन है | टमाटर की खेती से भोजन के साथ खाद्य सुख्क्षा प्रदान करने के अलावा रोजगार सृजन का कार्य भी किया जा सकता है| जहां तक संरक्षित खेती की बात है तो इस विधि के माध्यम से आप बिन मौसम भी टमाटर की खेती कर अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं जिससे टमाटर की अपेक्षाकृत अधिक कीमतें मिलेंगी | देखा जाय तो संरक्षित खेती के कई और लाभ भी है जैसे • संरक्षित संरचनाएं अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करती हैं और इस प्रकार वर्षभर की खेती संभव हो पाती है। • बिन मौसम (ऑफ-सीजन) उत्पादन के कारण अधिक लाभ, फल उपज और गुणवत्ता में वृद्धि। • भूमि, जल और पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग। • फल-उत्पादन की दृष्टि से बेहतर संरचना का क्रमः फैन-पैड पॉलीहाउस इसके बाद प्राकृतिक रूप से हवादार पॉलीहाउस, कीट रोधी नेट हाउस तथा छायादार नेट हाउस। • उपज 10 से 18 कि.ग्रा. प्रति वर्ग मीटर (5-6 माह की फसल अ

sfaruki076Nov 3, 2025

#प्याज_की_उन्नत_किस्में #varietiesofonion #onion_cultivation #vegetablegarden #प्याज की खेती के लिए सही किस्मों का चयन करना जरुरी है क्यूंकि - प्याज की उन्नत किस्मों से ज़्यादा पैदावार होती है. इन किस्मों में अंकुरण कम होता है, इसलिए ये ज़्यादा समय तक चलती हैं. इन किस्मों में भंडारण क्षमता अच्छी होती है. इन किस्मों में रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है.

Lebajoa Mådçhïld ThiNov 3, 2025

किसान भाइयों संरक्षित खेती के अंतर्गत उगाई जाने वाली मूल्यवान सब्जी की फसलों की श्रेणी में शिमला मिर्च की खेती को भी आप अपना सकते हैं | जिसे पॉलीहाउस या शेड नेट हाउस में आसानी से लगाया जा सकता है। आज के इस भाग में आप जानेंगें शिमला मिर्च की संरक्षित खेती कैसे करें

Chloé Warrisse MtgNov 3, 2025

मिर्च की फसल में लगने वाले रोग व बचाव के उपाय

Marget-bae-2005🤧Nov 3, 2025

#फूलगोभी_के_प्रमुख_रोग #diseases_of_cauliflower इस विडियो में आप मुख्यरूप से लगने वाले रोग और इसके उपचार के बारे में जानेंगे जो कि फूलगोभी के उत्पादकता को काफी प्रभावित करता है |